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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

30 मार्च 1904 का पंचांग, बुधवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 30 मार्च 1904, बुधवार को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। विक्रम संवत 1960 (नल संवत्सर) और शक संवत 1826 (क्रोधी संवत्सर) चल रहा है।

तिथि चतुर्दशी 09:13 PM तक, इसके बाद पूर्णिमा अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 07:47 AM तक, इसके बाद उत्तर फाल्गुनी 31 मार्च, 5:18 AM तक, इसके बाद हस्त अगले सूर्योदय तक जारी। योग गण्ड 08:07 AM तक, इसके बाद वृद्धि 31 मार्च, 4:17 AM तक, इसके बाद ध्रुव अगले सूर्योदय तक जारी। करण गर 10:50 AM तक, इसके बाद वणिज 09:12 PM तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा) अगले सूर्योदय तक जारी।

30 मार्च 1904, बुधवार को राहु काल 12:27 PM–01:59 PM तक है। चन्द्रमा सिंह राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:16 AM और सूर्यास्त 06:38 PM है।

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बुधवार

पंचांग 30/03/1904 • March 30, 1904

चैत्र · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय06:16 AM
सूर्यास्त06:38 PM
चन्द्रोदय05:14 AM
चन्द्रास्त05:32 PM
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतुशिशिर
धर्म और परंपरा

30 मार्च 1904 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1960, शक संवत 1826, अमांत मास चैत्र, पूर्णिमांत मास चैत्र और सौर मास मीन।

सूर्य राशि मीन, चंद्र राशि सिंह, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त12:02 PM–12:51 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:43 AM–05:30 AM

निशीथ काल12:03 AM–12:49 AM

अशुभ काल

राहु काल12:27 PM–01:59 PM

यमगण्ड07:48 AM–09:21 AM

गुलिक काल10:54 AM–12:27 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: उत्तर।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:16 AM–08:44 AMसंगव 08:44 AM–11:13 AMमध्याह्न 11:13 AM–01:41 PMअपराह्न 01:41 PM–04:09 PMसायाह्न 04:09 PM–06:37 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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30 मार्च 1904 के पंचांग से जुड़े सवाल

30 मार्च 1904 को कौन-सी तिथि है?

चैत्र शुक्ल पक्ष चतुर्दशी 09:13 PM तक है, इसके बाद पूर्णिमा तिथि रहेगी।

30 मार्च 1904 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 12:27 PM से 01:59 PM तक है।

30 मार्च 1904 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
बुध 06:16 AM–07:16 AMचंद्र 07:16 AM–08:16 AMशनि 08:16 AM–09:16 AMगुरु 09:16 AM–10:16 AMमंगल 10:16 AM–11:16 AMसूर्य 11:16 AM–12:16 PMशुक्र 12:16 PM–01:16 PMबुध 01:16 PM–02:16 PMचंद्र 02:16 PM–03:16 PMशनि 03:16 PM–04:16 PMगुरु 04:16 PM–05:16 PMमंगल 05:16 PM–06:16 PMसूर्य 06:16 PM–07:16 PMशुक्र 07:16 PM–08:16 PMबुध 08:16 PM–09:16 PMचंद्र 09:16 PM–10:15 PMशनि 10:15 PM–11:15 PMगुरु 11:15 PM–12:15 AMमंगल 12:15 AM–01:15 AMसूर्य 01:15 AM–02:15 AMशुक्र 02:15 AM–03:15 AMबुध 03:15 AM–04:15 AMचंद्र 04:15 AM–05:15 AMशनि 05:15 AM–06:15 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:27 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.515688°