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दैनिक वैदिक पंचांग

6 सितंबर 1903 का पंचांग, रविवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 6 सितंबर 1903, रविवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। विक्रम संवत 1960 (नल संवत्सर) और शक संवत 1825 (शोभकृत संवत्सर) चल रहा है।

तिथि पूर्णिमा 7 सितंबर, 5:39 AM तक, इसके बाद प्रतिपदा अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र शतभिषा 7 सितंबर, 4:18 AM तक, इसके बाद पूर्व भाद्रपद अगले सूर्योदय तक जारी। योग सुकर्मा 02:54 PM तक, इसके बाद धृति अगले सूर्योदय तक जारी। करण विष्टि (भद्रा) 04:44 PM तक, इसके बाद बव 7 सितंबर, 5:38 AM तक, इसके बाद बालव अगले सूर्योदय तक जारी।

6 सितंबर 1903, रविवार को राहु काल 05:03 PM–06:38 PM तक है। चन्द्रमा कुंभ राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:04 AM और सूर्यास्त 06:38 PM है।

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रविवार

पंचांग 06/09/1903 • September 6, 1903

भाद्रपद · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय06:04 AM
सूर्यास्त06:38 PM
चन्द्रोदय05:17 AM
चन्द्रास्त06:09 PM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुवर्षा
धर्म और परंपरा

6 सितंबर 1903 के व्रत और त्योहार

पूर्णिमा व्रत

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1960, शक संवत 1825, अमांत मास भाद्रपद, पूर्णिमांत मास भाद्रपद और सौर मास सिंह।

सूर्य राशि सिंह, चंद्र राशि कुंभ, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:55 AM–12:46 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:32 AM–05:18 AM

निशीथ काल11:58 PM–12:44 AM

अशुभ काल

राहु काल05:03 PM–06:38 PM

यमगण्ड12:21 PM–01:55 PM

गुलिक काल03:29 PM–05:03 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: हाँ · भद्रा: हाँ · दिशा शूल: पश्चिम।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:04 AM–08:34 AMसंगव 08:34 AM–11:05 AMमध्याह्न 11:05 AM–01:36 PMअपराह्न 01:36 PM–04:07 PMसायाह्न 04:07 PM–06:37 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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6 सितंबर 1903 के पंचांग से जुड़े सवाल

6 सितंबर 1903 को कौन-सी तिथि है?

भाद्रपद शुक्ल पक्ष पूर्णिमा 05:39 AM तक है, इसके बाद प्रतिपदा तिथि रहेगी।

6 सितंबर 1903 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 05:03 PM से 06:38 PM तक है।

6 सितंबर 1903 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन पूर्णिमा व्रत सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
सूर्य 06:04 AM–07:04 AMशुक्र 07:04 AM–08:04 AMबुध 08:04 AM–09:04 AMचंद्र 09:04 AM–10:04 AMशनि 10:04 AM–11:04 AMगुरु 11:04 AM–12:04 PMमंगल 12:04 PM–01:04 PMसूर्य 01:04 PM–02:04 PMशुक्र 02:04 PM–03:04 PMबुध 03:04 PM–04:04 PMचंद्र 04:04 PM–05:04 PMशनि 05:04 PM–06:04 PMगुरु 06:04 PM–07:04 PMमंगल 07:04 PM–08:04 PMसूर्य 08:04 PM–09:04 PMशुक्र 09:04 PM–10:04 PMबुध 10:04 PM–11:04 PMचंद्र 11:04 PM–12:04 AMशनि 12:04 AM–01:04 AMगुरु 01:04 AM–02:04 AMमंगल 02:04 AM–03:04 AMसूर्य 03:04 AM–04:04 AMशुक्र 04:04 AM–05:04 AMबुध 05:04 AM–06:04 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:21 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.507814°