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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

17 सितंबर 1903 का पंचांग, गुरुवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 17 सितंबर 1903, गुरुवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। विक्रम संवत 1960 (नल संवत्सर) और शक संवत 1825 (शोभकृत संवत्सर) चल रहा है।

तिथि एकादशी 09:59 PM तक, इसके बाद द्वादशी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र पुष्य 18 सितंबर, 3:50 AM तक, इसके बाद आश्लेषा अगले सूर्योदय तक जारी। योग परिघ 08:42 PM तक, इसके बाद शिव अगले सूर्योदय तक जारी। करण बव 11:27 AM तक, इसके बाद बालव 09:58 PM तक, इसके बाद कौलव अगले सूर्योदय तक जारी।

17 सितंबर 1903, गुरुवार को राहु काल 01:49 PM–03:21 PM तक है। चन्द्रमा कर्क राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:09 AM और सूर्यास्त 06:26 PM है।

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गुरुवार

पंचांग 17/09/1903 • September 17, 1903

आश्विन · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय06:09 AM
सूर्यास्त06:26 PM
चन्द्रोदय01:49 AM
चन्द्रास्त—
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुवर्षा
धर्म और परंपरा

17 सितंबर 1903 के व्रत और त्योहार

एकादशी व्रत

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1960, शक संवत 1825, अमांत मास भाद्रपद, पूर्णिमांत मास आश्विन और सौर मास कन्या।

सूर्य राशि कन्या, चंद्र राशि कर्क, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:52 AM–12:41 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:34 AM–05:21 AM

निशीथ काल11:53 PM–12:40 AM

अशुभ काल

राहु काल01:49 PM–03:21 PM

यमगण्ड04:53 PM–06:26 PM

गुलिक काल09:13 AM–10:45 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: हाँ · सर्वार्थ सिद्धि योग: हाँ · गुरु पुष्य योग: हाँ · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: दक्षिण।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:08 AM–08:35 AMसंगव 08:35 AM–11:03 AMमध्याह्न 11:03 AM–01:30 PMअपराह्न 01:30 PM–03:58 PMसायाह्न 03:58 PM–06:25 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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17 सितंबर 1903 के पंचांग से जुड़े सवाल

17 सितंबर 1903 को कौन-सी तिथि है?

आश्विन कृष्ण पक्ष एकादशी 09:59 PM तक है, इसके बाद द्वादशी तिथि रहेगी।

17 सितंबर 1903 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 01:49 PM से 03:21 PM तक है।

17 सितंबर 1903 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन एकादशी व्रत सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
गुरु 06:08 AM–07:08 AMमंगल 07:08 AM–08:08 AMसूर्य 08:08 AM–09:08 AMशुक्र 09:08 AM–10:08 AMबुध 10:08 AM–11:08 AMचंद्र 11:08 AM–12:08 PMशनि 12:08 PM–01:08 PMगुरु 01:08 PM–02:08 PMमंगल 02:08 PM–03:08 PMसूर्य 03:08 PM–04:08 PMशुक्र 04:08 PM–05:08 PMबुध 05:08 PM–06:08 PMचंद्र 06:08 PM–07:08 PMशनि 07:08 PM–08:08 PMगुरु 08:08 PM–09:08 PMमंगल 09:08 PM–10:08 PMसूर्य 10:08 PM–11:08 PMशुक्र 11:08 PM–12:08 AMबुध 12:08 AM–01:08 AMचंद्र 01:08 AM–02:08 AMशनि 02:08 AM–03:08 AMगुरु 03:08 AM–04:08 AMमंगल 04:08 AM–05:08 AMसूर्य 05:08 AM–06:08 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:17 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.508235°