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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

18 अक्टूबर 1903 का पंचांग, रविवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 18 अक्टूबर 1903, रविवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। विक्रम संवत 1960 (नल संवत्सर) और शक संवत 1825 (शोभकृत संवत्सर) चल रहा है।

तिथि त्रयोदशी 19 अक्टूबर, 12:32 AM तक, इसके बाद चतुर्दशी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी 19 अक्टूबर, 4:24 AM तक, इसके बाद हस्त अगले सूर्योदय तक जारी। योग ब्रह्म 02:54 PM तक, इसके बाद इन्द्र अगले सूर्योदय तक जारी। करण गर 01:37 PM तक, इसके बाद वणिज 19 अक्टूबर, 12:31 AM तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा) अगले सूर्योदय तक जारी।

18 अक्टूबर 1903, रविवार को राहु काल 04:27 PM–05:54 PM तक है। चन्द्रमा सिंह राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:22 AM और सूर्यास्त 05:54 PM है।

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रविवार

पंचांग 18/10/1903 • October 18, 1903

कार्तिक · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय06:22 AM
सूर्यास्त05:54 PM
चन्द्रोदय—
चन्द्रास्त03:48 AM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुशरद
धर्म और परंपरा

18 अक्टूबर 1903 के व्रत और त्योहार

प्रदोष व्रत

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

मासिक शिवरात्रि

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1960, शक संवत 1825, अमांत मास आश्विन, पूर्णिमांत मास कार्तिक और सौर मास तुला।

सूर्य राशि तुला, चंद्र राशि सिंह, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:44 AM–12:30 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:42 AM–05:31 AM

निशीथ काल11:42 PM–12:32 AM

अशुभ काल

राहु काल04:27 PM–05:54 PM

यमगण्ड12:08 PM–01:34 PM

गुलिक काल03:01 PM–04:27 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: हाँ · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: पश्चिम।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:21 AM–08:40 AMसंगव 08:40 AM–10:58 AMमध्याह्न 10:58 AM–01:16 PMअपराह्न 01:16 PM–03:35 PMसायाह्न 03:35 PM–05:53 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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18 अक्टूबर 1903 के पंचांग से जुड़े सवाल

18 अक्टूबर 1903 को कौन-सी तिथि है?

कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी 12:32 AM तक है, इसके बाद चतुर्दशी तिथि रहेगी।

18 अक्टूबर 1903 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 04:27 PM से 05:54 PM तक है।

18 अक्टूबर 1903 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
सूर्य 06:21 AM–07:21 AMशुक्र 07:21 AM–08:21 AMबुध 08:21 AM–09:21 AMचंद्र 09:21 AM–10:21 AMशनि 10:21 AM–11:21 AMगुरु 11:21 AM–12:21 PMमंगल 12:21 PM–01:21 PMसूर्य 01:21 PM–02:21 PMशुक्र 02:21 PM–03:21 PMबुध 03:21 PM–04:21 PMचंद्र 04:21 PM–05:21 PMशनि 05:21 PM–06:21 PMगुरु 06:21 PM–07:21 PMमंगल 07:21 PM–08:22 PMसूर्य 08:22 PM–09:22 PMशुक्र 09:22 PM–10:22 PMबुध 10:22 PM–11:22 PMचंद्र 11:22 PM–12:22 AMशनि 12:22 AM–01:22 AMगुरु 01:22 AM–02:22 AMमंगल 02:22 AM–03:22 AMसूर्य 03:22 AM–04:22 AMशुक्र 04:22 AM–05:22 AMबुध 05:22 AM–06:22 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:07 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.509419°