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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

14 अक्टूबर 1903 का पंचांग, बुधवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 14 अक्टूबर 1903, बुधवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। विक्रम संवत 1960 (नल संवत्सर) और शक संवत 1825 (शोभकृत संवत्सर) चल रहा है।

तिथि अष्टमी 12:12 PM तक, इसके बाद नवमी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र पुनर्वसु 12:22 PM तक, इसके बाद पुष्य अगले सूर्योदय तक जारी। योग सिद्ध 15 अक्टूबर, 3:13 AM तक, इसके बाद साध्य अगले सूर्योदय तक जारी। करण कौलव 12:11 PM तक, इसके बाद तैतिल 11:03 PM तक, इसके बाद गर अगले सूर्योदय तक जारी।

14 अक्टूबर 1903, बुधवार को राहु काल 12:08 PM–01:35 PM तक है। चन्द्रमा मिथुन राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:20 AM और सूर्यास्त 05:57 PM है।

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बुधवार

पंचांग 14/10/1903 • October 14, 1903

कार्तिक · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय06:20 AM
सूर्यास्त05:57 PM
चन्द्रोदय—
चन्द्रास्त01:16 PM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुवर्षा
धर्म और परंपरा

14 अक्टूबर 1903 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1960, शक संवत 1825, अमांत मास आश्विन, पूर्णिमांत मास कार्तिक और सौर मास कन्या।

सूर्य राशि कन्या, चंद्र राशि मिथुन, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:45 AM–12:31 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:40 AM–05:30 AM

निशीथ काल11:43 PM–12:33 AM

अशुभ काल

राहु काल12:08 PM–01:35 PM

यमगण्ड07:47 AM–09:14 AM

गुलिक काल10:41 AM–12:08 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: उत्तर।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:19 AM–08:39 AMसंगव 08:39 AM–10:58 AMमध्याह्न 10:58 AM–01:18 PMअपराह्न 01:18 PM–03:37 PMसायाह्न 03:37 PM–05:57 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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14 अक्टूबर 1903 के पंचांग से जुड़े सवाल

14 अक्टूबर 1903 को कौन-सी तिथि है?

कार्तिक कृष्ण पक्ष अष्टमी 12:12 PM तक है, इसके बाद नवमी तिथि रहेगी।

14 अक्टूबर 1903 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 12:08 PM से 01:35 PM तक है।

14 अक्टूबर 1903 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
बुध 06:19 AM–07:19 AMचंद्र 07:19 AM–08:19 AMशनि 08:19 AM–09:19 AMगुरु 09:19 AM–10:19 AMमंगल 10:19 AM–11:19 AMसूर्य 11:19 AM–12:19 PMशुक्र 12:19 PM–01:19 PMबुध 01:19 PM–02:19 PMचंद्र 02:19 PM–03:19 PMशनि 03:19 PM–04:19 PMगुरु 04:19 PM–05:19 PMमंगल 05:19 PM–06:19 PMसूर्य 06:19 PM–07:19 PMशुक्र 07:19 PM–08:20 PMबुध 08:20 PM–09:20 PMचंद्र 09:20 PM–10:20 PMशनि 10:20 PM–11:20 PMगुरु 11:20 PM–12:20 AMमंगल 12:20 AM–01:20 AMसूर्य 01:20 AM–02:20 AMशुक्र 02:20 AM–03:20 AMबुध 03:20 AM–04:20 AMचंद्र 04:20 AM–05:20 AMशनि 05:20 AM–06:20 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:08 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.509267°