पंचांग 10/10/1903 • October 10, 1903
10 अक्टूबर 1903 के व्रत और त्योहार
इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।
नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।
यह सामान्य दैनिक पंचांग है — अपनी जन्म कुंडली के अनुसार प्रभाव और व्यक्तिगत विश्लेषण देखें →
हिन्दू कैलेंडर और राशि
विक्रम संवत 1960, शक संवत 1825, अमांत मास आश्विन, पूर्णिमांत मास कार्तिक और सौर मास कन्या।
सूर्य राशि कन्या, चंद्र राशि वृषभ, अधिक मास नहीं।
शुभ और अशुभ समय
शुभ समय
अभिजीत मुहूर्त11:46 AM–12:32 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:39 AM–05:28 AM
निशीथ काल11:45 PM–12:34 AM
अशुभ काल
राहु काल09:13 AM–10:41 AM
यमगण्ड01:37 PM–03:05 PM
गुलिक काल04:33 PM–06:01 PM
आज के विशेष योग और संकेत
अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।
पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: पूर्व।
दिन के पाँच काल
चौघड़िया
शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।
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10 अक्टूबर 1903 के पंचांग से जुड़े सवाल
10 अक्टूबर 1903 को कौन-सी तिथि है?
कार्तिक कृष्ण पक्ष चतुर्थी 07:13 PM तक है, इसके बाद पंचमी तिथि रहेगी।
10 अक्टूबर 1903 को राहु काल कब है?
Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 09:13 AM से 10:41 AM तक है।
10 अक्टूबर 1903 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?
इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।
पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?
सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।
ग्रह होरा के 24 काल देखें
गणना संदर्भ
मध्याह्न 12:09 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.509114°