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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

27 नवंबर 1903 का पंचांग, शुक्रवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 27 नवंबर 1903, शुक्रवार को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। विक्रम संवत 1960 (नल संवत्सर) और शक संवत 1825 (शोभकृत संवत्सर) चल रहा है।

तिथि अष्टमी 28 नवंबर, 12:08 AM तक, इसके बाद नवमी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र शतभिषा 28 नवंबर, 4:27 AM तक, इसके बाद पूर्व भाद्रपद अगले सूर्योदय तक जारी। योग व्याघात 12:20 PM तक, इसके बाद हर्षण अगले सूर्योदय तक जारी। करण विष्टि (भद्रा) 10:54 AM तक, इसके बाद बव 28 नवंबर, 12:07 AM तक, इसके बाद बालव अगले सूर्योदय तक जारी।

27 नवंबर 1903, शुक्रवार को राहु काल 10:49 AM–12:10 PM तक है। चन्द्रमा कुंभ राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:48 AM और सूर्यास्त 05:32 PM है।

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शुक्रवार

पंचांग 27/11/1903 • November 27, 1903

मार्गशीर्ष · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय06:48 AM
सूर्यास्त05:32 PM
चन्द्रोदय12:39 PM
चन्द्रास्त—
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुशरद
धर्म और परंपरा

27 नवंबर 1903 के व्रत और त्योहार

मासिक दुर्गाष्टमी

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1960, शक संवत 1825, अमांत मास मार्गशीर्ष, पूर्णिमांत मास मार्गशीर्ष और सौर मास वृश्चिक।

सूर्य राशि वृश्चिक, चंद्र राशि कुंभ, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:48 AM–12:31 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:01 AM–05:54 AM

निशीथ काल11:43 PM–12:36 AM

अशुभ काल

राहु काल10:49 AM–12:10 PM

यमगण्ड02:51 PM–04:11 PM

गुलिक काल08:08 AM–09:29 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: हाँ · भद्रा: हाँ · दिशा शूल: पश्चिम।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:47 AM–08:56 AMसंगव 08:56 AM–11:05 AMमध्याह्न 11:05 AM–01:13 PMअपराह्न 01:13 PM–03:22 PMसायाह्न 03:22 PM–05:31 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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27 नवंबर 1903 के पंचांग से जुड़े सवाल

27 नवंबर 1903 को कौन-सी तिथि है?

मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष अष्टमी 12:08 AM तक है, इसके बाद नवमी तिथि रहेगी।

27 नवंबर 1903 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 10:49 AM से 12:10 PM तक है।

27 नवंबर 1903 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन मासिक दुर्गाष्टमी सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
शुक्र 06:47 AM–07:47 AMबुध 07:47 AM–08:47 AMचंद्र 08:47 AM–09:47 AMशनि 09:47 AM–10:47 AMगुरु 10:47 AM–11:47 AMमंगल 11:47 AM–12:47 PMसूर्य 12:47 PM–01:47 PMशुक्र 01:47 PM–02:47 PMबुध 02:47 PM–03:47 PMचंद्र 03:47 PM–04:48 PMशनि 04:48 PM–05:48 PMगुरु 05:48 PM–06:48 PMमंगल 06:48 PM–07:48 PMसूर्य 07:48 PM–08:48 PMशुक्र 08:48 PM–09:48 PMबुध 09:48 PM–10:48 PMचंद्र 10:48 PM–11:48 PMशनि 11:48 PM–12:48 AMगुरु 12:48 AM–01:48 AMमंगल 01:48 AM–02:48 AMसूर्य 02:48 AM–03:48 AMशुक्र 03:48 AM–04:48 AMबुध 04:48 AM–05:48 AMचंद्र 05:48 AM–06:48 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:09 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.510948°