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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

1 मई 1903 का पंचांग, शुक्रवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 1 मई 1903, शुक्रवार को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। विक्रम संवत 1960 (नल संवत्सर) और शक संवत 1825 (शोभकृत संवत्सर) चल रहा है।

तिथि चतुर्थी 09:24 AM तक, इसके बाद पंचमी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र मृगशिरा 11:59 AM तक, इसके बाद आर्द्रा अगले सूर्योदय तक जारी। योग अतिगण्ड 05:58 AM तक, इसके बाद सुकर्मा 2 मई, 2:42 AM तक, इसके बाद धृति अगले सूर्योदय तक जारी। करण विष्टि (भद्रा) 09:23 AM तक, इसके बाद बव 08:03 PM तक, इसके बाद बालव अगले सूर्योदय तक जारी।

1 मई 1903, शुक्रवार को राहु काल 10:41 AM–12:19 PM तक है। चन्द्रमा मिथुन राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 05:47 AM और सूर्यास्त 06:52 PM है।

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शुक्रवार

पंचांग 01/05/1903 • May 1, 1903

वैशाख · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय05:47 AM
सूर्यास्त06:52 PM
चन्द्रोदय—
चन्द्रास्त10:47 PM
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतुवसन्त
धर्म और परंपरा

1 मई 1903 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1960, शक संवत 1825, अमांत मास वैशाख, पूर्णिमांत मास वैशाख और सौर मास मेष।

सूर्य राशि मेष, चंद्र राशि मिथुन, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:53 AM–12:45 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:19 AM–05:03 AM

निशीथ काल11:57 PM–12:41 AM

अशुभ काल

राहु काल10:41 AM–12:19 PM

यमगण्ड03:35 PM–05:13 PM

गुलिक काल07:25 AM–09:03 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: हाँ · दिशा शूल: पश्चिम।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 05:46 AM–08:23 AMसंगव 08:23 AM–11:01 AMमध्याह्न 11:01 AM–01:38 PMअपराह्न 01:38 PM–04:15 PMसायाह्न 04:15 PM–06:52 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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1 मई 1903 के पंचांग से जुड़े सवाल

1 मई 1903 को कौन-सी तिथि है?

वैशाख शुक्ल पक्ष चतुर्थी 09:24 AM तक है, इसके बाद पंचमी तिथि रहेगी।

1 मई 1903 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 10:41 AM से 12:19 PM तक है।

1 मई 1903 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
शुक्र 05:46 AM–06:46 AMबुध 06:46 AM–07:46 AMचंद्र 07:46 AM–08:46 AMशनि 08:46 AM–09:46 AMगुरु 09:46 AM–10:46 AMमंगल 10:46 AM–11:46 AMसूर्य 11:46 AM–12:46 PMशुक्र 12:46 PM–01:46 PMबुध 01:46 PM–02:46 PMचंद्र 02:46 PM–03:46 PMशनि 03:46 PM–04:46 PMगुरु 04:46 PM–05:46 PMमंगल 05:46 PM–06:46 PMसूर्य 06:46 PM–07:46 PMशुक्र 07:46 PM–08:46 PMबुध 08:46 PM–09:46 PMचंद्र 09:46 PM–10:46 PMशनि 10:46 PM–11:46 PMगुरु 11:46 PM–12:46 AMमंगल 12:46 AM–01:46 AMसूर्य 01:46 AM–02:46 AMशुक्र 02:46 AM–03:46 AMबुध 03:46 AM–04:46 AMचंद्र 04:46 AM–05:46 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:19 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.502922°