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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

4 सितंबर 1902 का पंचांग, गुरुवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 4 सितंबर 1902, गुरुवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। विक्रम संवत 1959 (राक्षस संवत्सर) और शक संवत 1824 (शुभकृत संवत्सर) चल रहा है।

तिथि द्वितीया 08:25 AM तक, इसके बाद तृतीया अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र हस्त 5 सितंबर, 5:00 AM तक, इसके बाद चित्रा अगले सूर्योदय तक जारी। योग शुभ 07:17 PM तक, इसके बाद शुक्ल अगले सूर्योदय तक जारी। करण कौलव 08:24 AM तक, इसके बाद तैतिल 08:15 PM तक, इसके बाद गर अगले सूर्योदय तक जारी।

4 सितंबर 1902, गुरुवार को राहु काल 01:56 PM–03:31 PM तक है। चन्द्रमा कन्या राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:04 AM और सूर्यास्त 06:40 PM है।

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गुरुवार

पंचांग 04/09/1902 • September 4, 1902

भाद्रपद · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय06:04 AM
सूर्यास्त06:40 PM
चन्द्रोदय—
चन्द्रास्त07:58 PM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुवर्षा
धर्म और परंपरा

4 सितंबर 1902 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1959, शक संवत 1824, अमांत मास भाद्रपद, पूर्णिमांत मास भाद्रपद और सौर मास सिंह।

सूर्य राशि सिंह, चंद्र राशि कन्या, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:56 AM–12:46 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:32 AM–05:17 AM

निशीथ काल11:58 PM–12:44 AM

अशुभ काल

राहु काल01:56 PM–03:31 PM

यमगण्ड05:05 PM–06:40 PM

गुलिक काल09:13 AM–10:47 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: दक्षिण।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:03 AM–08:34 AMसंगव 08:34 AM–11:05 AMमध्याह्न 11:05 AM–01:37 PMअपराह्न 01:37 PM–04:08 PMसायाह्न 04:08 PM–06:39 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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4 सितंबर 1902 के पंचांग से जुड़े सवाल

4 सितंबर 1902 को कौन-सी तिथि है?

भाद्रपद शुक्ल पक्ष द्वितीया 08:25 AM तक है, इसके बाद तृतीया तिथि रहेगी।

4 सितंबर 1902 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 01:56 PM से 03:31 PM तक है।

4 सितंबर 1902 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
गुरु 06:03 AM–07:03 AMमंगल 07:03 AM–08:03 AMसूर्य 08:03 AM–09:03 AMशुक्र 09:03 AM–10:03 AMबुध 10:03 AM–11:03 AMचंद्र 11:03 AM–12:03 PMशनि 12:03 PM–01:03 PMगुरु 01:03 PM–02:03 PMमंगल 02:03 PM–03:03 PMसूर्य 03:03 PM–04:03 PMशुक्र 04:03 PM–05:03 PMबुध 05:03 PM–06:03 PMचंद्र 06:03 PM–07:03 PMशनि 07:03 PM–08:03 PMगुरु 08:03 PM–09:03 PMमंगल 09:03 PM–10:03 PMसूर्य 10:03 PM–11:03 PMशुक्र 11:03 PM–12:03 AMबुध 12:03 AM–01:03 AMचंद्र 01:03 AM–02:03 AMशनि 02:03 AM–03:03 AMगुरु 03:03 AM–04:03 AMमंगल 04:03 AM–05:03 AMसूर्य 05:03 AM–06:03 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:21 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.493787°