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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

15 सितंबर 1902 का पंचांग, सोमवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 15 सितंबर 1902, सोमवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। विक्रम संवत 1959 (राक्षस संवत्सर) और शक संवत 1824 (शुभकृत संवत्सर) चल रहा है।

तिथि त्रयोदशी 16 सितंबर, 12:28 AM तक, इसके बाद चतुर्दशी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र धनिष्ठा 16 सितंबर, 2:40 AM तक, इसके बाद शतभिषा अगले सूर्योदय तक जारी। योग सुकर्मा 09:38 PM तक, इसके बाद धृति अगले सूर्योदय तक जारी। करण कौलव 12:17 PM तक, इसके बाद तैतिल 16 सितंबर, 12:27 AM तक, इसके बाद गर अगले सूर्योदय तक जारी।

15 सितंबर 1902, सोमवार को राहु काल 07:40 AM–09:13 AM तक है। चन्द्रमा मकर राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:08 AM और सूर्यास्त 06:28 PM है।

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सोमवार

पंचांग 15/09/1902 • September 15, 1902

भाद्रपद · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय06:08 AM
सूर्यास्त06:28 PM
चन्द्रोदय03:39 AM
चन्द्रास्त04:45 PM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुवर्षा
धर्म और परंपरा

15 सितंबर 1902 के व्रत और त्योहार

सोम प्रदोष व्रत

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1959, शक संवत 1824, अमांत मास भाद्रपद, पूर्णिमांत मास भाद्रपद और सौर मास सिंह।

सूर्य राशि सिंह, चंद्र राशि मकर, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:53 AM–12:42 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:34 AM–05:21 AM

निशीथ काल11:54 PM–12:41 AM

अशुभ काल

राहु काल07:40 AM–09:13 AM

यमगण्ड10:45 AM–12:18 PM

गुलिक काल01:50 PM–03:23 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: हाँ · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: पूर्व।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:07 AM–08:35 AMसंगव 08:35 AM–11:03 AMमध्याह्न 11:03 AM–01:31 PMअपराह्न 01:31 PM–03:59 PMसायाह्न 03:59 PM–06:27 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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15 सितंबर 1902 के पंचांग से जुड़े सवाल

15 सितंबर 1902 को कौन-सी तिथि है?

भाद्रपद शुक्ल पक्ष त्रयोदशी 12:28 AM तक है, इसके बाद चतुर्दशी तिथि रहेगी।

15 सितंबर 1902 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 07:40 AM से 09:13 AM तक है।

15 सितंबर 1902 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन सोम प्रदोष व्रत सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
चंद्र 06:07 AM–07:07 AMशनि 07:07 AM–08:07 AMगुरु 08:07 AM–09:07 AMमंगल 09:07 AM–10:07 AMसूर्य 10:07 AM–11:07 AMशुक्र 11:07 AM–12:07 PMबुध 12:07 PM–01:07 PMचंद्र 01:07 PM–02:07 PMशनि 02:07 PM–03:07 PMगुरु 03:07 PM–04:07 PMमंगल 04:07 PM–05:07 PMसूर्य 05:07 PM–06:07 PMशुक्र 06:07 PM–07:07 PMबुध 07:07 PM–08:07 PMचंद्र 08:07 PM–09:07 PMशनि 09:07 PM–10:07 PMगुरु 10:07 PM–11:07 PMमंगल 11:07 PM–12:07 AMसूर्य 12:07 AM–01:07 AMशुक्र 01:07 AM–02:07 AMबुध 02:07 AM–03:08 AMचंद्र 03:08 AM–04:08 AMशनि 04:08 AM–05:08 AMगुरु 05:08 AM–06:08 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:17 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.494207°