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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

18 अगस्त 1902 का पंचांग, सोमवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 18 अगस्त 1902, सोमवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। विक्रम संवत 1959 (राक्षस संवत्सर) और शक संवत 1824 (शुभकृत संवत्सर) चल रहा है।

तिथि चतुर्दशी 10:44 AM तक, इसके बाद पूर्णिमा अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र श्रावण 05:26 PM तक, इसके बाद धनिष्ठा अगले सूर्योदय तक जारी। योग सौभाग्य 01:44 PM तक, इसके बाद शोभन अगले सूर्योदय तक जारी। करण वणिज 10:43 AM तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा) 11:05 PM तक, इसके बाद बव अगले सूर्योदय तक जारी।

18 अगस्त 1902, सोमवार को राहु काल 07:34 AM–09:11 AM तक है। चन्द्रमा मकर राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 05:57 AM और सूर्यास्त 06:56 PM है।

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सोमवार

पंचांग 18/08/1902 • August 18, 1902

श्रावण · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय05:57 AM
सूर्यास्त06:56 PM
चन्द्रोदय04:56 AM
चन्द्रास्त06:10 PM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुवर्षा
धर्म और परंपरा

18 अगस्त 1902 के व्रत और त्योहार

ओणम

केरल का प्रमुख फसल और सांस्कृतिक पर्व; पारिवारिक पूजा, पुष्प सज्जा और ओणम-सद्या की परंपरा जुड़ी है।

ऋग्वेद उपाकर्म

ऋग्वेदी परंपरा में वैदिक अध्ययन के वार्षिक नवीकरण और संकल्प का अनुष्ठान।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1959, शक संवत 1824, अमांत मास श्रावण, पूर्णिमांत मास श्रावण और सौर मास सिंह।

सूर्य राशि सिंह, चंद्र राशि मकर, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त12:00 PM–12:52 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:28 AM–05:12 AM

निशीथ काल12:04 AM–12:48 AM

अशुभ काल

राहु काल07:34 AM–09:11 AM

यमगण्ड10:49 AM–12:26 PM

गुलिक काल02:03 PM–03:41 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: हाँ · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: पूर्व।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 05:56 AM–08:32 AMसंगव 08:32 AM–11:08 AMमध्याह्न 11:08 AM–01:44 PMअपराह्न 01:44 PM–04:20 PMसायाह्न 04:20 PM–06:56 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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18 अगस्त 1902 के पंचांग से जुड़े सवाल

18 अगस्त 1902 को कौन-सी तिथि है?

श्रावण शुक्ल पक्ष चतुर्दशी 10:44 AM तक है, इसके बाद पूर्णिमा तिथि रहेगी।

18 अगस्त 1902 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 07:34 AM से 09:11 AM तक है।

18 अगस्त 1902 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन ओणम, ऋग्वेद उपाकर्म सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
चंद्र 05:56 AM–06:56 AMशनि 06:56 AM–07:56 AMगुरु 07:56 AM–08:56 AMमंगल 08:56 AM–09:56 AMसूर्य 09:56 AM–10:56 AMशुक्र 10:56 AM–11:56 AMबुध 11:56 AM–12:56 PMचंद्र 12:56 PM–01:56 PMशनि 01:56 PM–02:56 PMगुरु 02:56 PM–03:56 PMमंगल 03:56 PM–04:56 PMसूर्य 04:56 PM–05:56 PMशुक्र 05:56 PM–06:56 PMबुध 06:56 PM–07:56 PMचंद्र 07:56 PM–08:56 PMशनि 08:56 PM–09:56 PMगुरु 09:56 PM–10:56 PMमंगल 10:56 PM–11:56 PMसूर्य 11:56 PM–12:56 AMशुक्र 12:56 AM–01:56 AMबुध 01:56 AM–02:56 AMचंद्र 02:56 AM–03:56 AMशनि 03:56 AM–04:56 AMगुरु 04:56 AM–05:56 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:26 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.493137°