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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

30 अप्रैल 1902 का पंचांग, बुधवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 30 अप्रैल 1902, बुधवार को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। विक्रम संवत 1959 (राक्षस संवत्सर) और शक संवत 1824 (शुभकृत संवत्सर) चल रहा है।

तिथि सप्तमी 03:42 PM तक, इसके बाद अष्टमी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 02:27 PM तक, इसके बाद श्रावण अगले सूर्योदय तक जारी। योग साध्य 08:34 AM तक, इसके बाद शुभ अगले सूर्योदय तक जारी। करण बव 03:41 PM तक, इसके बाद बालव 1 मई, 4:16 AM तक, इसके बाद कौलव अगले सूर्योदय तक जारी।

30 अप्रैल 1902, बुधवार को राहु काल 12:19 PM–01:57 PM तक है। चन्द्रमा मकर राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 05:47 AM और सूर्यास्त 06:52 PM है।

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बुधवार

पंचांग 30/04/1902 • April 30, 1902

वैशाख · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय05:47 AM
सूर्यास्त06:52 PM
चन्द्रोदय12:11 AM
चन्द्रास्त11:31 AM
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतुवसन्त
धर्म और परंपरा

30 अप्रैल 1902 के व्रत और त्योहार

कालाष्टमी

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1959, शक संवत 1824, अमांत मास चैत्र, पूर्णिमांत मास वैशाख और सौर मास मेष।

सूर्य राशि मेष, चंद्र राशि मकर, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:53 AM–12:45 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:20 AM–05:03 AM

निशीथ काल11:57 PM–12:41 AM

अशुभ काल

राहु काल12:19 PM–01:57 PM

यमगण्ड07:25 AM–09:03 AM

गुलिक काल10:41 AM–12:19 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: उत्तर।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 05:47 AM–08:24 AMसंगव 08:24 AM–11:01 AMमध्याह्न 11:01 AM–01:38 PMअपराह्न 01:38 PM–04:15 PMसायाह्न 04:15 PM–06:52 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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30 अप्रैल 1902 के पंचांग से जुड़े सवाल

30 अप्रैल 1902 को कौन-सी तिथि है?

वैशाख कृष्ण पक्ष सप्तमी 03:42 PM तक है, इसके बाद अष्टमी तिथि रहेगी।

30 अप्रैल 1902 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 12:19 PM से 01:57 PM तक है।

30 अप्रैल 1902 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कालाष्टमी सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
बुध 05:47 AM–06:47 AMचंद्र 06:47 AM–07:47 AMशनि 07:47 AM–08:47 AMगुरु 08:47 AM–09:47 AMमंगल 09:47 AM–10:47 AMसूर्य 10:47 AM–11:47 AMशुक्र 11:47 AM–12:47 PMबुध 12:47 PM–01:47 PMचंद्र 01:47 PM–02:47 PMशनि 02:47 PM–03:47 PMगुरु 03:47 PM–04:47 PMमंगल 04:47 PM–05:47 PMसूर्य 05:47 PM–06:47 PMशुक्र 06:47 PM–07:47 PMबुध 07:47 PM–08:47 PMचंद्र 08:47 PM–09:46 PMशनि 09:46 PM–10:46 PMगुरु 10:46 PM–11:46 PMमंगल 11:46 PM–12:46 AMसूर्य 12:46 AM–01:46 AMशुक्र 01:46 AM–02:46 AMबुध 02:46 AM–03:46 AMचंद्र 03:46 AM–04:46 AMशनि 04:46 AM–05:46 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:19 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.488933°