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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

4 अक्टूबर 1901 का पंचांग, शुक्रवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 4 अक्टूबर 1901, शुक्रवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। विक्रम संवत 1958 (आनन्द संवत्सर) और शक संवत 1823 (प्लव संवत्सर) चल रहा है।

तिथि सप्तमी 02:56 PM तक, इसके बाद अष्टमी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र आर्द्रा 5 अक्टूबर, 4:57 AM तक, इसके बाद पुनर्वसु अगले सूर्योदय तक जारी। योग वरीयान 03:01 PM तक, इसके बाद परिघ अगले सूर्योदय तक जारी। करण बव 02:55 PM तक, इसके बाद बालव 5 अक्टूबर, 2:11 AM तक, इसके बाद कौलव अगले सूर्योदय तक जारी।

4 अक्टूबर 1901, शुक्रवार को राहु काल 10:42 AM–12:11 PM तक है। चन्द्रमा मिथुन राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:15 AM और सूर्यास्त 06:07 PM है।

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शुक्रवार

पंचांग 04/10/1901 • October 4, 1901

आश्विन · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय06:15 AM
सूर्यास्त06:07 PM
चन्द्रोदय11:34 PM
चन्द्रास्त12:24 PM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुवर्षा
धर्म और परंपरा

4 अक्टूबर 1901 के व्रत और त्योहार

कालाष्टमी

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1958, शक संवत 1823, अमांत मास भाद्रपद, पूर्णिमांत मास आश्विन और सौर मास कन्या।

सूर्य राशि कन्या, चंद्र राशि मिथुन, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:47 AM–12:34 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:38 AM–05:26 AM

निशीथ काल11:47 PM–12:35 AM

अशुभ काल

राहु काल10:42 AM–12:11 PM

यमगण्ड03:09 PM–04:38 PM

गुलिक काल07:44 AM–09:13 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: पश्चिम।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:15 AM–08:37 AMसंगव 08:37 AM–11:00 AMमध्याह्न 11:00 AM–01:22 PMअपराह्न 01:22 PM–03:44 PMसायाह्न 03:44 PM–06:06 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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4 अक्टूबर 1901 के पंचांग से जुड़े सवाल

4 अक्टूबर 1901 को कौन-सी तिथि है?

आश्विन कृष्ण पक्ष सप्तमी 02:56 PM तक है, इसके बाद अष्टमी तिथि रहेगी।

4 अक्टूबर 1901 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 10:42 AM से 12:11 PM तक है।

4 अक्टूबर 1901 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कालाष्टमी सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
शुक्र 06:15 AM–07:15 AMबुध 07:15 AM–08:15 AMचंद्र 08:15 AM–09:15 AMशनि 09:15 AM–10:15 AMगुरु 10:15 AM–11:15 AMमंगल 11:15 AM–12:15 PMसूर्य 12:15 PM–01:15 PMशुक्र 01:15 PM–02:15 PMबुध 02:15 PM–03:15 PMचंद्र 03:15 PM–04:15 PMशनि 04:15 PM–05:15 PMगुरु 05:15 PM–06:15 PMमंगल 06:15 PM–07:15 PMसूर्य 07:15 PM–08:15 PMशुक्र 08:15 PM–09:15 PMबुध 09:15 PM–10:15 PMचंद्र 10:15 PM–11:15 PMशनि 11:15 PM–12:15 AMगुरु 12:15 AM–01:15 AMमंगल 01:15 AM–02:15 AMसूर्य 02:15 AM–03:15 AMशुक्र 03:15 AM–04:15 AMबुध 04:15 AM–05:15 AMचंद्र 05:15 AM–06:15 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:11 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.480983°