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दैनिक वैदिक पंचांग

4 नवंबर 1901 का पंचांग, सोमवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 4 नवंबर 1901, सोमवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। विक्रम संवत 1958 (आनन्द संवत्सर) और शक संवत 1823 (प्लव संवत्सर) चल रहा है।

तिथि नवमी 5 नवंबर, 12:52 AM तक, इसके बाद दशमी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र आश्लेषा 11:21 AM तक, इसके बाद मघा अगले सूर्योदय तक जारी। योग शुक्ल 01:41 PM तक, इसके बाद ब्रह्म अगले सूर्योदय तक जारी। करण तैतिल 12:38 PM तक, इसके बाद गर 5 नवंबर, 12:51 AM तक, इसके बाद वणिज अगले सूर्योदय तक जारी।

4 नवंबर 1901, सोमवार को राहु काल 07:55 AM–09:19 AM तक है। चन्द्रमा कर्क राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:32 AM और सूर्यास्त 05:40 PM है।

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सोमवार

पंचांग 04/11/1901 • November 4, 1901

कार्तिक · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय06:32 AM
सूर्यास्त05:40 PM
चन्द्रोदय12:22 AM
चन्द्रास्त01:24 PM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुशरद
धर्म और परंपरा

4 नवंबर 1901 के व्रत और त्योहार

इस तारीख के लिए कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1958, शक संवत 1823, अमांत मास आश्विन, पूर्णिमांत मास कार्तिक और सौर मास तुला।

सूर्य राशि तुला, चंद्र राशि कर्क, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:43 AM–12:28 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:48 AM–05:40 AM

निशीथ काल11:40 PM–12:31 AM

अशुभ काल

राहु काल07:55 AM–09:19 AM

यमगण्ड10:42 AM–12:06 PM

गुलिक काल01:29 PM–02:53 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: पूर्व।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:31 AM–08:45 AMसंगव 08:45 AM–10:59 AMमध्याह्न 10:59 AM–01:12 PMअपराह्न 01:12 PM–03:26 PMसायाह्न 03:26 PM–05:39 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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4 नवंबर 1901 के पंचांग से जुड़े सवाल

4 नवंबर 1901 को कौन-सी तिथि है?

कार्तिक कृष्ण पक्ष नवमी 12:52 AM तक है, इसके बाद दशमी तिथि रहेगी।

4 नवंबर 1901 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 07:55 AM से 09:19 AM तक है।

4 नवंबर 1901 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन कोई प्रमुख व्रत-त्योहार सूचीबद्ध नहीं है। स्थानीय परंपरा के अनुसार अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
चंद्र 06:31 AM–07:31 AMशनि 07:31 AM–08:31 AMगुरु 08:31 AM–09:31 AMमंगल 09:31 AM–10:31 AMसूर्य 10:31 AM–11:31 AMशुक्र 11:31 AM–12:31 PMबुध 12:31 PM–01:32 PMचंद्र 01:32 PM–02:32 PMशनि 02:32 PM–03:32 PMगुरु 03:32 PM–04:32 PMमंगल 04:32 PM–05:32 PMसूर्य 05:32 PM–06:32 PMशुक्र 06:32 PM–07:32 PMबुध 07:32 PM–08:32 PMचंद्र 08:32 PM–09:32 PMशनि 09:32 PM–10:32 PMगुरु 10:32 PM–11:32 PMमंगल 11:32 PM–12:32 AMसूर्य 12:32 AM–01:32 AMशुक्र 01:32 AM–02:32 AMबुध 02:32 AM–03:32 AMचंद्र 03:32 AM–04:32 AMशनि 04:32 AM–05:32 AMगुरु 05:32 AM–06:32 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:05 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.482168°