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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

5 मार्च 1901 का पंचांग, मंगलवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 5 मार्च 1901, मंगलवार को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। विक्रम संवत 1957 (प्रमादी संवत्सर) और शक संवत 1822 (शार्वरी संवत्सर) चल रहा है।

तिथि पूर्णिमा 01:23 PM तक, इसके बाद प्रतिपदा अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 11:23 PM तक, इसके बाद उत्तर फाल्गुनी अगले सूर्योदय तक जारी। योग धृति 07:43 PM तक, इसके बाद शूल अगले सूर्योदय तक जारी। करण बव 01:22 PM तक, इसके बाद बालव 6 मार्च, 2:16 AM तक, इसके बाद कौलव अगले सूर्योदय तक जारी।

5 मार्च 1901, मंगलवार को राहु काल 03:30 PM–04:58 PM तक है। चन्द्रमा सिंह राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:43 AM और सूर्यास्त 06:26 PM है।

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मंगलवार

पंचांग 05/03/1901 • March 5, 1901

फाल्गुन · शुक्ल पक्ष
सूर्योदय06:43 AM
सूर्यास्त06:26 PM
चन्द्रोदय06:20 AM
चन्द्रास्त06:34 PM
अयनउत्तरायण
द्रिक ऋतु—
धर्म और परंपरा

5 मार्च 1901 के व्रत और त्योहार

पूर्णिमा व्रत

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1957, शक संवत 1822, अमांत मास फाल्गुन, पूर्णिमांत मास फाल्गुन और सौर मास कुंभ।

सूर्य राशि कुंभ, चंद्र राशि सिंह, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त12:11 PM–12:57 PM

ब्रह्म मुहूर्त05:04 AM–05:53 AM

निशीथ काल12:09 AM–12:58 AM

अशुभ काल

राहु काल03:30 PM–04:58 PM

यमगण्ड09:38 AM–11:06 AM

गुलिक काल12:34 PM–02:02 PM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: नहीं · दिशा शूल: उत्तर।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:42 AM–09:03 AMसंगव 09:03 AM–11:24 AMमध्याह्न 11:24 AM–01:44 PMअपराह्न 01:44 PM–04:05 PMसायाह्न 04:05 PM–06:26 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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5 मार्च 1901 के पंचांग से जुड़े सवाल

5 मार्च 1901 को कौन-सी तिथि है?

फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा 01:23 PM तक है, इसके बाद प्रतिपदा तिथि रहेगी।

5 मार्च 1901 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 03:30 PM से 04:58 PM तक है।

5 मार्च 1901 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन पूर्णिमा व्रत सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
मंगल 06:42 AM–07:42 AMसूर्य 07:42 AM–08:42 AMशुक्र 08:42 AM–09:42 AMबुध 09:42 AM–10:42 AMचंद्र 10:42 AM–11:42 AMशनि 11:42 AM–12:42 PMगुरु 12:42 PM–01:42 PMमंगल 01:42 PM–02:42 PMसूर्य 02:42 PM–03:42 PMशुक्र 03:42 PM–04:42 PMबुध 04:42 PM–05:42 PMचंद्र 05:42 PM–06:42 PMशनि 06:42 PM–07:42 PMगुरु 07:42 PM–08:42 PMमंगल 08:42 PM–09:42 PMसूर्य 09:42 PM–10:42 PMशुक्र 10:42 PM–11:42 PMबुध 11:42 PM–12:42 AMचंद्र 12:42 AM–01:42 AMशनि 01:42 AM–02:42 AMगुरु 02:42 AM–03:42 AMमंगल 03:42 AM–04:41 AMसूर्य 04:41 AM–05:41 AMशुक्र 05:41 AM–06:41 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:34 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.472841°