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▣ आज का पंचांग
दैनिक वैदिक पंचांग

11 अक्टूबर 1900 का पंचांग, गुरुवार

दिन का पंचांग

हिन्दू पंचांग के अनुसार 11 अक्टूबर 1900, गुरुवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। विक्रम संवत 1957 (प्रमादी संवत्सर) और शक संवत 1822 (शार्वरी संवत्सर) चल रहा है।

तिथि तृतीया 08:19 AM तक, इसके बाद चतुर्थी 12 अक्टूबर, 5:52 AM तक, इसके बाद पंचमी अगले सूर्योदय तक जारी। नक्षत्र कृत्तिका 11:31 PM तक, इसके बाद रोहिणी अगले सूर्योदय तक जारी। योग सिद्धि 08:08 PM तक, इसके बाद व्यतीपात अगले सूर्योदय तक जारी। करण विष्टि (भद्रा) 08:19 AM तक, इसके बाद बव 07:00 PM तक, इसके बाद बालव 12 अक्टूबर, 5:52 AM तक, इसके बाद कौलव अगले सूर्योदय तक जारी।

11 अक्टूबर 1900, गुरुवार को राहु काल 01:36 PM–03:04 PM तक है। चन्द्रमा मेष राशि में संचार करेगा। सूर्योदय 06:18 AM और सूर्यास्त 05:59 PM है।

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गुरुवार

पंचांग 11/10/1900 • October 11, 1900

कार्तिक · कृष्ण पक्ष
सूर्योदय06:18 AM
सूर्यास्त05:59 PM
चन्द्रोदय08:16 PM
चन्द्रास्त08:16 PM
अयनदक्षिणायन
द्रिक ऋतुवर्षा
धर्म और परंपरा

11 अक्टूबर 1900 के व्रत और त्योहार

संकष्टी चतुर्थी

इस दिन से जुड़ा पारंपरिक व्रत या उत्सव।

नोट: व्रत-त्योहार का पालन क्षेत्र, परंपरा और सूर्योदय-आधारित तिथि के अनुसार अलग हो सकता है।

हिन्दू कैलेंडर और राशि

विक्रम संवत 1957, शक संवत 1822, अमांत मास आश्विन, पूर्णिमांत मास कार्तिक और सौर मास कन्या।

सूर्य राशि कन्या, चंद्र राशि मेष, अधिक मास नहीं।

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त11:45 AM–12:32 PM

ब्रह्म मुहूर्त04:40 AM–05:29 AM

निशीथ काल11:44 PM–12:33 AM

अशुभ काल

राहु काल01:36 PM–03:04 PM

यमगण्ड06:18 AM–07:46 AM

गुलिक काल09:13 AM–10:41 AM

आज के विशेष योग और संकेत

अमृत सिद्धि योग: नहीं · सर्वार्थ सिद्धि योग: नहीं · गुरु पुष्य योग: नहीं · रवि पुष्य योग: नहीं।

पंचक: नहीं · भद्रा: हाँ · दिशा शूल: दक्षिण।

दिन के पाँच काल

प्रातःकाल 06:18 AM–08:38 AMसंगव 08:38 AM–10:59 AMमध्याह्न 10:59 AM–01:19 PMअपराह्न 01:19 PM–03:39 PMसायाह्न 03:39 PM–05:59 PM

चौघड़िया

शुभ कार्य के लिए हरे और नीले चौघड़िया उपयोगी माने जाते हैं। लाल और काले समय में महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचें।

चौघड़िया आरंभ समाप्त
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अति शुभ शुभ अशुभ वेला (अशुभ)

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11 अक्टूबर 1900 के पंचांग से जुड़े सवाल

11 अक्टूबर 1900 को कौन-सी तिथि है?

कार्तिक कृष्ण पक्ष तृतीया 08:19 AM तक है, इसके बाद चतुर्थी तिथि रहेगी।

11 अक्टूबर 1900 को राहु काल कब है?

Bhilwara, Rajasthan, India में राहु काल 01:36 PM से 03:04 PM तक है।

11 अक्टूबर 1900 के व्रत और त्योहार कौन-से हैं?

इस दिन संकष्टी चतुर्थी सूचीबद्ध हैं। स्थानीय परंपरा और स्थान के अनुसार पालन में अंतर हो सकता है।

पंचांग में स्थान क्यों जरूरी है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त स्थान के अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं। यह पंचांग Bhilwara, Rajasthan, India के लिए है।

ग्रह होरा के 24 काल देखें
गुरु 06:18 AM–07:18 AMमंगल 07:18 AM–08:18 AMसूर्य 08:18 AM–09:18 AMशुक्र 09:18 AM–10:18 AMबुध 10:18 AM–11:18 AMचंद्र 11:18 AM–12:18 PMशनि 12:18 PM–01:18 PMगुरु 01:18 PM–02:18 PMमंगल 02:18 PM–03:18 PMसूर्य 03:18 PM–04:18 PMशुक्र 04:18 PM–05:18 PMबुध 05:18 PM–06:18 PMचंद्र 06:18 PM–07:18 PMशनि 07:18 PM–08:18 PMगुरु 08:18 PM–09:18 PMमंगल 09:18 PM–10:18 PMसूर्य 10:18 PM–11:18 PMशुक्र 11:18 PM–12:19 AMबुध 12:19 AM–01:19 AMचंद्र 01:19 AM–02:19 AMशनि 02:19 AM–03:19 AMगुरु 03:19 AM–04:19 AMमंगल 04:19 AM–05:19 AMसूर्य 05:19 AM–06:19 AM
गणना संदर्भ

मध्याह्न 12:09 PM · निर्देशांक 25.470994, 74.696132 · Lahiri ayanamsha 22.471267°