D1 में विवाह का मूल योग
सप्तम भाव–सप्तमेश के साथ द्वितीय भाव से परिवार वृद्धि, एकादश से इच्छा-पूर्ति और शुक्र–बृहस्पति जैसे विवाह कारकों का संयुक्त pattern देखा जाता है। कोई एक ग्रह अकेला निर्णय नहीं देता।
अपनी जन्म तिथि, सही समय, स्थान और इच्छित समय-अवधि चुनें। KundliLive D1–D9 विवाह योग, Vimshottari दशा और गुरु–शनि गोचर को मिलाकर उसी अवधि के सहायक checkpoints दिखाता है।
पूरी जन्म कुंडली के बिना केवल राशि या अंक से विवाह का विश्वसनीय संकेत नहीं बनता। KundliLive जन्म समय और स्थान से गणित ग्रह-स्थिति बनाकर कई कारकों को एक साथ पढ़ता है।
सप्तम भाव–सप्तमेश के साथ द्वितीय भाव से परिवार वृद्धि, एकादश से इच्छा-पूर्ति और शुक्र–बृहस्पति जैसे विवाह कारकों का संयुक्त pattern देखा जाता है। कोई एक ग्रह अकेला निर्णय नहीं देता।
D9 नवांश D1 के विवाह संकेत की गहराई और स्थिरता की पुष्टि करता है। D9 सप्तमेश और शुक्र का बल D1 के संकेत को support, qualify या review कर सकता है।
चुनी हुई अवधि में सप्तमेश, D9 सप्तमेश, शुक्र या बृहस्पति से जुड़ी महादशा–अंतर्दशा shortlist होती है। प्रत्यंतर दशा उस बड़ी window को छोटे checkpoints में सीमित करती है।
हर shortlisted checkpoint पर गुरु और शनि की वास्तविक sidereal स्थिति फिर calculate होती है। लग्न, सप्तम भाव या सप्तमेश से दोनों का संबंध मिले तो timing confirmation मजबूत मानी जाती है; मंगल और चंद्रमा सहायक narrowing देते हैं।
Final विवाह तारीख केवल एक व्यक्ति की कुंडली से तय नहीं होती। दोनों जन्म नक्षत्र, विवाह-स्थान की तिथि–नक्षत्र–वार शुद्धि, गुरु/शुक्र अस्त और दोषमुक्त मुहूर्त लग्न देखकर अंतिम दिन व समय चुना जाता है।
सही जन्म समय और स्थान से D1 में विवाह योग, D9 नवांश की पुष्टि, चुनी अवधि की Vimshottari दशा और candidate dates पर गुरु-शनि गोचर को क्रम से देखा जाता है।
यह calculator एक व्यक्ति की कुंडली से सहायक timing checkpoints देता है, exact wedding Muhurta नहीं। अंतिम तारीख और समय के लिए वर-वधू दोनों की कुंडली, जन्म नक्षत्र और विवाह-स्थान का पंचांग आवश्यक है।
पंचम और सप्तम भाव का संबंध, शुक्र की स्थिति तथा द्वितीय, चतुर्थ और नवम भाव का समर्थन देखकर व्यक्तिगत चयन, परिवार-समर्थित या मिश्रित पैटर्न का संकेत दिया जाता है।
सप्तम भाव की राशि, उसका स्वामी और D9 नवांश साथी के स्वभाव के व्यापक ज्योतिषीय संकेत देते हैं; ये किसी विशिष्ट व्यक्ति की निश्चित पहचान नहीं है।
D9 नवांश को विवाह, संबंध की परिपक्वता और D1 में दिखने वाले संकेतों के पुष्टिकरण के लिए देखा जाता है। इसे D1 से अलग निर्णय नहीं माना जाता।
हाँ। लग्न, भाव और D9 नवांश जन्म समय के प्रति संवेदनशील होते हैं। संभव हो तो birth certificate या परिवार के विश्वसनीय record का समय लें।